आयतुल्लाह ख़ातेमी ने तेहरान की नमाज़े जुमा में कहा है कि इस्लामी क्रांति की सफलता से अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के अपमानित होने की उलटी गिनती आरंभ हो चुकी है।आज तेहरान की केंद्रीय नमाज़े जुमा आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी की इमामत में अदा की गई। उन्होंने नमाज़े जुमा के ख़ुत्बों में इस बात की ओर संकेत करते हुए कि इस्लामी क्रांति की सफलता से पूर्व तक ज़ायोनी शासन क्षेत्र का बेताज बादशाह था किंतु ईरान में इस्लामी क्रांति सफल होते ही निरंतर इन्तेफ़ाज़ा जनांदोलन आरंभ हो गए जिन्होंने इस शासन को ऐसी लज्जाजनक स्थिति में पहुंचा दिया है कि वह नील से फ़ुरात तक के अपने दावे को भूल गया है। उन्होंने कहा कि रमज़ान महीने के अंतिम शुक्रवार को विश्व क़ुद्स दिवस घोषित किए जाते ही, फ़िलिस्तीन की समस्या इस्लामी जगत की मुख्य समस्या बन गई जबकि इससे पहले तक इसे अरबों का मामला बताया जाता था। आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने इसी प्रकार इस्लामी चेतना को इतिहास में अभूतपूर्व बताया और कहा कि इतिहास में ऐसे उदाहरण कम ही हैं कि किसी देश की जनता आन्दोलन करे और उसका राष्ट्रपति फ़रार हो जाए। उन्होंने लीबिया के तानाशाह क़ज़्ज़ाफ़ी के अपमान जनक अंजाम की ओर संकत करते हुए कहा कि क़ज़्ज़ाफ़ी, अपने देश की जनता के संबंध में तो अत्याचारी तानाशाह बना रहा किंतु वह पश्चिमी देशों के समक्ष दुम हिलाता रहता था। उन्होंने इसी प्रकार सोमालिया की सूखाग्रस्त जनता की भारी सहायता करने पर ईरानी जनता के प्रति आभार प्रकट किया।समाचार समाप्त......166
25 अगस्त 2011 - 19:30
समाचार कोड: 262060
आयतुल्लाह ख़ातेमी ने तेहरान की नमाज़े जुमा में कहा है कि इस्लामी क्रांति की सफलता से अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के अपमानित होने की उलटी गिनती आरंभ हो चुकी है